''Wel-Come''

चलो दिलदार चलो ..........चाँद के पार चलो

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  • Sunday, July 8, 2012
  • विजयपाल कुरडिया
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  • प्राचीन काल में प्रेमी अपनी प्रेमिका की तुलना चाँद से करता था ....हर शायर ने भी अपनी शायरी में प्रेम रस उत्पन करने के लिये चाँद और चांदनी  का सहारा लिया हे ,लेकिन ज्यूँ -ज्यूँ विज्ञानं ने खोज की और पता चला की चाँद में गड्ढे हे और तो और चाँद  की चांदनी भी उसकी खुद की चमक नहीं अपितु सूर्य की चमक हे तब से ही कुछ प्रेमियों ने अपनी प्रेमिकावो की तुलना चाँद से करना बंद कर दिया
    लेकिन कुछ प्रेमी ऐसे भी हे जो आज भी इस युग में अपनी "प्रेमिकावो" की तुलना "चाँद" से करते नहीं थकते,ऐसे प्रेमी अपनी प्रेमिकावो के लिये चाँद-तारे तोड़ लाने के लिये तेयार रहेते हे! कुछ तो "चाँद" के पार चलने की बाते करते हे !परन्तु इस महंगाई के दोर में जब लोग एक गाँव से दुसरे गाँव जाने तक में परहेज कर रहे हे तो सोचिये चाँद पर जाने का खर्चा कितना आयेगा ? 

    तो क्या करे ;- अपनी प्रेमिकावो से किया वादा तोड़ दोगे  या फिर उन्हें चाँद का दीदार करवावोगे !!!
    पर केसे ?
    तो इसका एक उपाय हे :- जिसमे आप फ्री में "चाँद" का कोना-कोना देख सकते हे और यह हे:- "googlemoon"
    इसके जरिये हम भले ही "चाँद को छूकर नही देख सकते परतु करीब से तो देख सकते हे !!
    तो चलिये "चाँद" का "दीदार" करते हे :-)
    "गूगल मून"  सेवा चार तरह के मोड़ में "उपलब्ध" हे :-
    1. Apollo Mode ;- इसमें आप सभी अपोलो मिशन की जानकारी प्राप्त कर सकते हे !
    2.Visible Mode ;- इसमें मून की "तस्वीरे" हे !
    3.Elevation Mode ;- इसमें चाँद की स्था के उतार-चढाव को देखा जा सकता हे !
    4.Chart Mode ;- इसमें चाँद की "जियोलोजी" और "टोपोग्राफी" दिखाई जती हे !!

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