''Wel-Come''

'कैसे हंसी में खो कर रह गयी एक परिवार की पीड़ा' [ Hanuman Siyag Indrpura]

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  • Monday, March 5, 2018
  • विजयपाल कुरडिया
  • लेबल: ,
  • छोटी खाटू के पास ही स्थित एक छोटे से गांव 'इंद्रपुरा' के युवा हनुमान सियाग पुत्र श्री पूर्णाराम सियाग की हत्या कर दी गयी...शव को एक नाडी में फेंक दिया गया...जब पता चला तो...ग्रामीणों और परिवार वालों ने घटनास्थल पर जाम लगवा दिया...काफी युवकों को सन्देह के आधार पर और धरने को को शांत करने के लिये गिरफ्तार भी किया गया...पर धरना अब तक शांत नहीं हुवा था...बल्कि हाइवे जाम था...अब 'युवाशक्ति' अड़ गयी की खींवसर विधायक 'हनुमान बेनीवाल' को घटनास्थल पर बुलाया जाये... अब हनुमान बेनीवाल घटना स्थल पर आने वाले थे..तो हाइवे खोल दिया गया...लोगों की भीड़ युवक को न्याय(???) दिलाने के लिये घटनास्थल पर बढ़ती ही जा रही थी....इतने में हनुमान बेनीवाल घटनास्थल पर पहुंच गये...मुझे नहीं पता की यह विधायक कैसा(???)है परन्तु यह देखकर मुझे कुछ शांति मिली जो लड़का जिस विधायक का फेन था...आज वो उसे न्याय दिलाने के लिये वंहा आया तो सही...अब युवाओं ने इस विधायक को घेर लिया...अब मुझे लग रहा था की चलो अब परिवारवालों का दुःख कुछ कम होगा...अब विधायक ने अपनी बात घटना को दुःखद बताते हुवे और अपराधीयों को पकड़वाकर घरवालों को न्याय दिलाने के साथ शुरू की....पर इसके बाद माहौल कुछ बदल सा गया..चारों तरफ खड़े युवा उस विधायक के शब्दों पर 'तालियां' बजाने लगे...कुछ युवा फोटोज खींचने लगे...फेसबुक पर जो शेयर करनी थी...कुछ युवा वीडियो बनाने लगे... Whatsapp पर जो शेयर करना था..पर अब अगला नजारा तो बिल्कुल ही बदल गया.. .विधायक के शब्दों पर लोग 'हंसने' शुरू हो गये...थोड़ी देर बाद विधायक जी भी हंसने लगे और पुलिस के बड़े बड़े अधिकारी जो वंहा उपस्थित थे वो भी हंसने लगे...अब बारी फोटो खिंचवाने की आयी...आखिर विधायक जी को न्यूजपेपर में भी आना था...मान लिया यह ठीक हे...पर फ़ोटो खिंचवाने के लिये यह नेता और पुलिस अधिकारी इस तरह जच के खड़े हो रहे थे मानो फ़ोटो किसी शादी के एलबम के लिये ली जा रही हो...अब विधायक जी चले गये... अब जाने की बारे युवाओं की थी...तो उन्होंने भी अपनी बाइकें और गाड़ियां सड़क की ओर मोड़ ली...परन्तु वो शव अब भी वंही पड़ा था...बचे थे तो केवल परिवारवाले,पुलिसवाले और कुछ बुजुर्ग।।

    भाई तूने जिस नेता को अपना आदर्श माना था वो तुझे न्याय दिलाने की बात करके भी गया..सबको हंसा के भी गया और हंस के भी गया...अब तुझे न्याय मिला तो तुम्हारे सारे युवा मित्र इस विधायक को श्रय देंगे...हो सकता हे में भी दूँ...पर में उन 'तालियों और हंसते हुवे चेहरों' को कभी नहीं भूल पाउँगा।



    श्रद्धांजलि के साथ..
    ©Vijay Kurdiya Choudhary
    (Photo Source:- Fesbook)


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