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"स्पैम मेल" यानि बिजली की बर्बादी ............."पर्यावरण" और "इन्टरनेट" को भी "नुकसान".........[ "Speam Mail]

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  • Monday, October 17, 2011
  • विजयपाल कुरडिया
  • लेबल: , ,

  •  "स्पैम मेल" वास्तव में वह मेल होती हे जो किसी को जबरदस्ती भेजी जाती हे | आप देखते होंगे हमारे "-मेल " बोक्स में कई बार ऐसी "मेल" आई हुयी रहती हे जिनका हमसे कोई लेना देना भी नहीं होता हे | "गूगल" की मेल सेवा "जी-मेल" ने तो बाकायदा "स्पैम मेल" नाम से एक फोल्डर भी जोड़ रखा हे | "स्पैम मेल" ठीक उसी तरह से हे जिस तरह हमे कम्पनिया जबरदस्ती विज्ञापन मेसेज   या कॉल {टेली मार्केटिंग कॉल] करती हे |
    लेकिन अब "DND" सेवा लागु हो जाने के बाद अनावश्यक मेसेज  पर तो पाबन्दी लग गयी हे | फ़िलहाल "स्पैम मेल" पर "DND" लागु नहीं हे |
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    स्पैम मेल" सिर्फ हम  "-मेल यूजर्स " के लिए सरदर्द हे , बल्कि इनसे "बिजली " की भी भारी बर्बादी होती हे , इतना ही नहीं इससे " पर्यावरण" को भी नुकसान  होता हे | "कार्बन फूट प्रिंट ऑफ़ -माल स्पैम  रिपोर्ट " के मुताबिक कम के " -मेल" ढूढने  और "स्पैम मेल" को नस्ट करने में हे इंटरनेट संचालन   के काम में आने वाली बिजली का "80" फीसदी हिस्सा खर्च हो जाता हे | "स्पैम मेल" के कारण हर साल "33 अरब किलोवाट" बिजली बर्बाद होती हे और "1.7 करोड़ टन " कार्बन डाई ओकसायड  बनती हे | आपको यह जानकर आश्चर्ये  होगा  की हर साल करीब "620 खरब "स्पैम मेल" भेजे जाते हे |
    " असर CFC जेसा " :-
                              
    इस अध्यन से यह भी पता चला हे  की "स्पैम मेल" से रोज पैदा होने वाली  कार्बन डाई ओकसायड 23 लाख कारों से हर रोज निकलने वाली कार्बन डाई ओकसायड के बराबर होती हे | ओसतन एक "-मेल" यूजर  हर साल 131 किलो  कार्बन डाई ओकसायड पैदा करता हे , इसमें से तो 22 फीसदी "स्पैम मेल" से जुडी होती हे | इस अध्यन से यह भी पता चला हे की "स्पैम मेल" पर्यावरण को क्लोरो-फ्लोरो कार्बन की तरह नुकशान पंहुचती हे |
    "
    उपाय हे फिल्टरिंग ":-
                                         ICF
    का कहना हे की स्पैम फिल्टरिंग से आन्चाहे  "स्पैम मेल" को 75 फीसदी तक रोका जा सकता हे |
    "
    अगर बचा ली जाए तो ":-
                      
    अगर "स्पैम मेलसे बर्बाद होने वाली बिजली को बचा ले तो इससे भारत के करीब 30 फीसदी लघु उद्योगों को दिन रत निर्बाद  बिजली उपलब्द  करायी जा सकती हे | यदि किसानो को इसे दिया जाये तो करीब चार घंटे बिजली प्रतिदिन  मिलेगी  |
                  
    अगर आपको भी इसे रोकने को कोई कारगर उपाय मालूम हे तो मुझे अपनी राय से बताये ,ताकि थोड़ी  बिजली में भी बचा सकू |

    2 Comment Here:

    1. जाट देवता (संदीप पवाँर) said...
    2. अपुन को तो इन्हे मिटाने के अलावा कुछ और आता भी नहीं है।

    3. विजयपाल कुरडिया said...
    4. @jat dewta thanks........

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